Indus Offering

हमारे उत्पाद

हमारे उत्पाद और सेवा विभाग तीन मुख्य तत्वों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किए गए हैं। इनका लक्ष्य है ग्राहकों, माकन मालिकों और भागीदारों के लिए परिचालन लागत और हमारे कार्बन पदचिह्न को कम करते हुए अपटाइम, कवरेज और सेवा की गुणवत्ता को बढ़ाना।

टॉवर

ऑपरेटर एंटीना को उपयुक्त ऊंचाई पर माउंट करने के लिए

हम अपने ग्राहकों के सक्रिय उपकरण - बेस ट्रांसीवर स्टेशन, ट्रांसमिशन लिंक और माइक्रोवेव एंटीना की अधिस्ठापना के लिए आवश्यक अप्रतिरोधी भौतिक संरचना तैनात करते हैं। टावर्स पारंपरिक लैटिस टाइप संरचना - जैसे कि ग्राउंड-बेस्ड टॉवर, रूफटॉप टॉवर या पोल - से लेकर हल्के हाइब्रिड पोल, मोनोपोल या छलावरण वाले टॉवर होते हैं जो की अपनी पृष्ठभूमि के साथ मेल खाते है।

पावर

दूरसंचार उपकरणों को निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति प्रदान करने के लिए

हम अपने ग्राहकों के सक्रिय उपकरणों को प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए नए ऊर्जा समाधान प्रदान करते हैं। जहां भी संभव हो, हम राज्य बिजली बोर्डों की ग्रिड ऊर्जा का उपयोग करके ही अपने टावरों को बिजली देते हैं। डीजल का उपयोग वंही किया जाता है जहां की विश्वसनीय ग्रिड ऊर्जा उपलब्ध नहीं होती है। हमारे यह सभी समाधान यह सुनिश्चित करते हैं कि न्यूनतम पर्यावरणीय प्रदुषण सुनिश्चित करने के लिए ईंधन की इष्टतम या न्यूनतम मात्रा का उपयोग किया जाए। इसके लिए हम सौर-ऊर्जा से चलने वाले टॉवर के भी चलाते हैं।

स्थान

हाउसिंग टेलीकॉम और पावर उपकरण के लिए

हम सामरिक स्थानों पर अपने बुनियादी ढांचे को रखने के लिए आवासीय और वाणिज्यिक संपत्ति के मालिकों से आवश्यक स्थान प्राप्त करते हैं। हम दूरसंचार के बुनियादी ढांचे के इस्तेमाल के लिए अपने परिसर देने वाले माकन मालिकों के साथ परस्पर मधुर सम्बन्ध बनाये रखते हैं।

स्मार्ट शहर

इंडस का धेय्य : 2020 तक 30,000 स्मार्ट सेल

भारत के स्मार्ट सिटीज विज़न के उद्घाटन के साथ ही, देश की टावर कंपनियों और MNO के पास शहरी परिदृश्यों में स्मार्ट कनेक्टिविटी को जोड़ने का एक लाजवाब अवसर है. यह मौजूदा और नए सड़को के अभिन्यास (लेआउट) और सेल साइटों का एक एकीकृत नेटवर्क बनाने के लिए प्रयतनशील है। देश सर्वप्रथम के हमारे उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, 2020 तक 30,000 स्मार्ट छोटे सेल बनाना इंडस की लक्ष्य है।

इंडस टावर्स स्मार्ट शहरों के लिए स्केलेबल मॉडल विकसित करने में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। हमारा दृष्टिकोण मौजूदा बुनियादी ढांचे जैसे राजमार्ग, रेलवे और इमारतों के साथ डिजिटल बुनियादी ढांचे का एकीकरण करना है। हम स्मार्ट लाइटिंग, स्मार्ट पार्किंग और स्मार्ट वॉटर मीटरिंग के लिए स्मार्ट समाधान विकसित करने के लिए बस शेल्टर, पानी की टंकी, मेट्रो के खंभे, फुट ओवर ब्रिज और टोल प्लाजा जैसी परिसंपत्तियों का भी उपयोग कर रहे हैं।

  • smart cities
  • Indus’ Vision
  • Location
  • Digital Infrastructure
  • Smart Connectivity
  • Connecting India
Smart Cells by 2020

इंडस-नई दिल्ली नगर निगम का स्मार्ट पोल लॉन्च

इंडस टीम, श्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री के साथ
श्री राजनाथ सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति स्मार्ट पोल का उद्घाटन करते हुए

इंडस-वडोदरा नगर निगम का स्मार्ट पोल लॉन्च

बाएं से दाएं: श्री जितेंद्र भाई सुखाड़िया, विधायक, वडोदरा; श्री बिमल दयाल, सीईओ, इंडस टावर्स; श्री राजेंद्र त्रिवेदी, गुजरात विधानसभा के माननीय अध्यक्ष; डॉ.जिगीशबेन शेठ, मेयर वडोदरा; श्री अजय भादू, आयुक्त वडोदरा और अध्यक्ष वडोदरा स्मार्ट सिटी
इंडस टावर्स और वडोदरा नगर निगम का आई-स्मार्ट पोल लॉन्च

नेक्स्टजेन (अगली पीढ़ी की) साइट्स

इंडस अगली पीढ़ी (नेक्स्ट जनरेशन) की साइट्स बनाकर स्मार्ट शहर विकसित करने में अपना योगदान कर रही है। अगली पीढ़ी या नेक्स्ट जनरेशन की साइट्स असल में मल्टी-फंक्शनल टावर्स हैं जो न केवल एक शहर, लोकेशन और वास्तु-कला के अनुरूप होती है, बल्कि डीजल-फ्री बैक-अप होने के कारण 80-90% तक कार्बन फुटप्रिंट (प्रदुषण) को भी कम करने का काम करती है।

इंडस टावर्स ने पहले से ही दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, बैंगलोर, मैसूर, चेन्नई, चंडीगढ़, लखनऊ और मेरठ सहित कई शहरों में 2000 से अधिक ऐसी साइट्स को तैनात किया है। इन साइटों को शून्य-ध्वनि और दृश्य प्रदूषण को बनाए रखने के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है। साथ ही इसके लिए कम निर्माण समय की आवश्यकता होती है, जिससे आम जनता को कम से कम असुविधा होती है। अगली पीढ़ी (नेक्स्ट जनरेशन) की साइट्स विभिन्न सेवा भार और बाहरी मौसम स्थितियों को सुरक्षित रूप से सामना करने के लिए डिज़ाइन की गयी हैं।

NextGen Sites

हमारी सेवाएं

नेक्स्टजेन सॉल्यूशन (अगली पीढ़ी के समाधान) पोर्टफोलियो

इंडस ने भू-आधारित और छत पर स्थापित संस्थानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर सौंदर्यकृत टावर्स के आसपास कई तरह की डिजाइन अवधारणाएं विकसित की हैं।

हमारे समाधान में विभिन्न विकल्प है: जैसे दिन और रात के विचारों के हिसाब से छलावरण (छुपने) वाले मोनोपोल, बहुउद्श्य वाले स्ट्रीट लाइट और टेलीकॉम पोल, ताड़ के पेड़, छत की ग्रिल्स, पानी की टंकियां, बस शेल्टर के लिए छोटे सेल समाधान, पब्लिक टॉयलेट, फुट ओवर-ब्रिज, फ्लाईओवर और मेट्रो पिलर। ये समाधान सार्वजनिक स्थानों, उद्यानों, पार्कों, नगरपालिका क्षेत्रों, आवासीय और वाणिज्यिक परिसरों, मेट्रो स्टेशनों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल, एसईजेड या स्पेशल इकनोमिक ज़ोन्स, राजमार्गों और संस्थागत क्षेत्रों में स्थित साइटस पर तैनाती के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। देश में अग्रणी दूरसंचार अवसंरचना प्रदाता के रूप में, इंडस,अपने नेटवर्क में अधिक से अधिक सुरुचिपूर्ण और नेत्रों को मोहने वाली टावरों को जोड़कर, दूरसंचार टावरों के परिदृश्य को बदलने के लिए तैयार है।
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Next Gen Tower
Next Gen Solution Portfolio

टॉवर ऑपरेटिंग सेंटर

Tower Operating Centre
Tower Operating Centre
Tower Operating Centre

भारत में टॉवर कंपनियों के परिचालन की निगरानी के लिए इंडस के टॉवर ऑपरेटिंग सेंटर (टीओसी) ने एक नया प्रतिमान स्थापित किया है।

हमारा टीओसी एक पूरी तरह से स्वचालित केंद्रीकृत निगरानी केंद्र है, जो गुरुग्राम और चेन्नई में स्थित है. यह पूरे भारत में हमारे 1,23,546 साइट्स से जुड़ा है। यह हमारे लिए 500 मिलियन से अधिक ग्राहकों के लिए 2 मिलियन वर्ग किलोमीटर से अधिक के सभी टॉवर संचालन का प्रबंधन और नियंत्रण करना संभव बनाता है।

जब कोई हमारे द्वारा किये गए संचालन के पैमाने पर विचार करता है, तो टीओसी की महत्वपूर्ण भूमिका और अधिक स्पष्ट हो जाती है। रोजाना इंडस को अपने टावरों से लगभग 25 लाख अलार्म मिलते हैं। हर दिन, हम टीओसी से अपने तकनीशियनों को क्षेत्र में जाने के लिए 6,500 वर्क ऑर्डर देते हैं -

या तो निवारक रखरखाव के लिए या फिर यह सुनिश्चित करने के लिए कि साइट 24x7 काम कर रही है। प्रत्येक रखरखाव कार्य को उसी दिन तक काम पूरा होने तक ट्रैक करने की आवश्यकता होती है।

हमारे 10,000 के लगभग तकनीशियनों को प्रति व्यक्ति 60 से अधिक अलार्म प्रति दिन मिलते हैं जो उन्हें साइट की स्थिति के बारे में बताते हैं। आज, टीओसी में इस्तेमाल की गयी प्रौद्योगिकी के कारण, हमारे तकनीशियन अपने मोबाइल फोन पर आई-मैप्प एप्लिकेशन के माध्यम से इन अलार्म को देख सकते हैं और यह तय कर सकते हैं कि किसी साइट पर उनके जाना की आवश्यकता है या नहीं। इससे वे अपनी दिनचर्या को और भी बेहतर तरीके से व्यवस्थित कर सकते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारी साइट्स सबसे अच्छी स्थिति में हैं, ताकि हमारे ग्राहकों को बेहतरीन सेवा और अपटाइम मिल सके। यह इंडस के कार्यकुशलता का ही प्रमाण है, कि

हमारी टीम के सबसे कम शिक्षित व्यक्ति भी अपने मोबाइल फोन पर आई-मैप एप्लिकेशन का उपयोग कर सकता हैं और इंडस की सफलता में सार्थक योगदान दे सकता हैं।

टीओसी एक वास्तविक समय (रियल टाइम) के आधार पर साइट की निगरानी करता है, जिससे संसाधनों का अधिकतम उपयोग होता है और अपटाइम में वृद्धि होती है। अब हम आसानी से अपनी ऊर्जा बचत का हिसाब बना सकते हैं और अपनी संपत्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता, दोनों में सुधार कर सकते हैं। टीओसी भविष्य में ई-गवर्नेंस, टेली-मेडिसिन और दूरस्थ शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण पहलों में भी योगदान दे सकती है।

हमारी टीओसी हमारे मूल्यों और उत्कृष्टता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

हरित प्रौद्योगिकी

नवीकरणीय ऊर्जा

हमने पिछले 3 वर्षों में पूरे भारत में 1100 से अधिक स्थलों पर अक्षय ऊर्जा स्रोतों (सौर और बायोमास) को इस्तेमाल शुरू कर दिया है।

हमारा लक्ष्य अपने अक्षय ऊर्जा परिनियोजन कार्यक्रम को बढ़ाने और वर्ष 2021 तक सभी दूरसंचार साइटों का 50% तक को कवर करने का हैं।

Renewable
Renewable Energy
ग्रीन साइट्स

हमारे टावरों को डीजल जनरेटर या फिर ग्रिड से ली गई बिजली के माध्यम से संचालित किया जाता है। जब हम अपनी सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपने नेटवर्क और बुनियादी ढाँचे का विस्तार करते हैं, तो हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हम पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कुशलता से नियंत्रण में रखे ।

हम हरित स्थल और हरित शहर शुरू करने वाली पहली कंपनी 2011 में बन गए - जहां नेटवर्क के प्रदर्शन से समझौता किए बिना भी - बिलकुल भी डीजल का उपयोग नहीं किया जा रहा था। तब से, डीजल जनरेटर को हटाकर और उनके स्थान पर उन्नत बैटरी बैंक स्थापित करके हमने 67,500+ साइटों को हरी साइटों में बदल दिया गया है। इस कार्यक्रम के परिणामस्वरूप 2011-12 से 210 मिलियन लीटर डीजल की बचत हुई है।

Green Sites
ऊर्जा की खपत कम करना

हम वर्ष 2021 तक इंडस टावर्स को डीजल-मुक्त संगठन बनाने का संकल्प लेते हैं। पिछले 5 वर्षों में हमारे डीजल की खपत लगभग आधी हो गई है। इससे हमारे CO2 उत्सर्जन में 565 मिलियन टन की कमी आई है, जिसका प्रभाव 14 मिलियन पेड़ लगाने के बराबर है। इन जैसे नवीन समाधानों ने हमें जीएचजी उत्सर्जन और लागत को कम करने के साथ-साथ हमारे नेटवर्क की विश्वसनीयता में काफी हद तक सुधार करने में मदद की है।

Reducing Energy Consumption
ऊर्जा पहल में निवेश Investment In  Energy Initiatives

हमने वित्त वर्ष 2016-17 में ऊर्जा उपक्रमो में लगभग INR 350 करोड़ का निवेश किया है। हर साल हमारे द्वारा किए गए इस तरह के निवेश से पिछले पांच वर्षों में डीजल की खपत में 210 मिलियन लीटर की कमी आई है।

ऊर्जा समाधान: पर्यावरण के सुरक्षा के लिए हमारी सोच

Energy Solutions

चूंकि ऊर्जा का सबसे अच्छा उपयोग हमारे लिए इतनी बड़ी चिंता का विषय रहा है, इसलिए हमने इंडस टावर्स में जिस तरह से काम किया जा रहा था, उसे बदलने का फैसला किया।

हमने पाया कि टेलीकॉम टॉवरो में अधिकांश ऊर्जा का उपयोग एयर कंडीशनर द्वारा उपकरणों को अनुकूलतम तापमान रखने के लिए किया जा रहा था बनिस्पत सक्रिय दूरसंचार उपकरणों के द्वारा। इसने जन्म दिया हमारे यह हमारी एसी बंद करो की पहल को. इसमें हम एसी के स्थान पर फ्री कूलिंग इकाइयों का प्रयोग करते है जो बहुत कम ऊर्जा खपत करते हैं और जो विशेष रूप से सेल के आंतरिक वातावरण को नियंत्रित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

हमने इंडोर-आउटडोर परिवर्तन शुरू किया, जो प्राकृतिक शीतलता के माध्यम से किया गया जो अंतर तापमान में हवा के प्रवाह के सिद्धांत पर काम करता है।

शट डीजी: ग्रीन साइट्स परियोजना की परीकल्पना दूरसंचार नेटवर्क संचालन को चलाने के लिए की गई थी- बिना डीजल को बिजली के बैकअप के रूप में उपयोग किए। हमारी योजना इसके बजाय नेटवर्क को पर्यावरण पर्यावरण के अनुकूल माध्यमों से चलाने पर रही है।